Income Tax Return: आपकी आय 2.50 लाख से कम होने पर भी फाइल करें इनकम टैक्स रिटर्न, जानिए क्यों?

ITR Benefits of Zero Income Tax Return, Benefits of filing Income Tax Return on time, When should I file Zero Income Tax Return?
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Income Tax Return

आपकी आय 2.50 लाख से कम होने पर भी फाइल करें इनकम टैक्स रिटर्न, जानिए क्यों? (Income Tax Return): इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) फाइल करने की आखिरी तारीख नजदीक से पहले तथा किसी भी तरह के जुर्माने से बचने के लिए, करदाताओं को समय सीमा समाप्त होने से पहले वित्तीय वर्ष के लिए अपना आईटीआर ऑनलाइन जमा करना होत है। जिन व्यक्तियों और वेतनभोगी कर्मचारियों के खातों का ऑडिट करने की आवश्यकता नहीं है, उनके लिए आईटीआर दाखिल करने की अंतिम तिथि 31 जुलाई है। जिन करदाताओं के खातों का ऑडिट करने की आवश्यकता है, उनके लिए समय सीमा 31 अक्टूबर है। हम हमेशा इस बात पर जोर देते हैं कि आप समय सीमा से पहले अपना आई-टी रिटर्न दाखिल करें…. लेकिन क्या आप जानते हैं कि ऐसा करने का क्या फायदा है।

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ऐसे में आय वर्ग में आने वाले व्यक्ति को सलाह दी जाती है कि वह समय सीमा से पहले अपना ITR जमा कर दे। बता दें कि यह उन लोगों के लिए भी जरूरी है जिनकी सालाना आमदनी ₹ 2.50 लाख से कम है। कम आय वालों को स्वचालित आयकर नोटिस से बचने में मदद करता है।

Income Tax Return एक्सपर्ट क्या कहते हैं?

टैक्स और निवेश विशेषज्ञों के मुताबिक अगर कोई व्यक्ति आईटीआर फाइल नहीं करता है तो वह टीडीएस कटौती पर Income Tax Return का दावा नहीं कर सकता है। इसलिए, जो लोग टीडीएस कटौती के लिए पात्र हैं, उनके लिए आयकर रिटर्न दाखिल करना अनिवार्य है। भले ही उनकी सालाना आमदनी इनकम टैक्स लिमिट यानी ₹2.5 लाख प्रति साल से कम ही क्यों न हो। आपकी वार्षिक आय सीमा से कम होने पर भी आईटीआर दाखिल करना क्यों बुद्धिमानी है? इस पर डेलॉयट इंडिया की पार्टनर आरती रावते ने कहा, ‘कम इनकम होने पर भी जीरो इनकम टैक्स रिटर्न फाइल करने की सलाह दी जाती है।

इससे आपको कई फायदे होंगे। जब आपको पासपोर्ट रिन्यूअल या वीजा के लिए अप्लाई करना होता है तो वहां आपको ये विवरण काम आ सकता है। इसके अलावा कई बार ऐसा भी होता है कि टैक्स डिपार्टमेंट ऑटोमेटेड नोटिस भेजकर कारण पूछता है कि आईटीआर फाइल क्यों नहीं किया गया? इस सवाल से भी बच जाएगा।”

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Zero Income Tax Return के फायदे

TaxBuddy.com के संस्थापक सुजीत बांगर ने आईटीआर दाखिल करने के लाभों पर, भले ही यह 2.5 लाख रुपये से कम होने होने पर भी कोई भी अपने नियोक्ता या किसी अन्य भुगतानकर्ता द्वारा काटे गए टीडीएस के खिलाफ Income Tax Return का दावा नहीं कर सकता है। इसलिए, यदि आपकी आय छूट की सीमा से कम है, तो भी आयकर रिटर्न दाखिल करना फायदेमंद है। उन्होंने कहा कि यदि आप ऋण के लिए आवेदन करना चाहते हैं, चाहे वह गृह ऋण हो या कार ऋण या व्यक्तिगत ऋण, बैंक या ऋण देने वाली संस्था आईटी रिटर्न मांगती है और यदि आप आईटी रिटर्न जमा करते हैं, तो आपका ऋण जल्दी से स्वीकृत हो जाएगा।

समय पर ITR फाइल करने के फायदे:

जुर्माने से बचें नियत तारीख तक आईटीआर दाखिल करने में विफलता के परिणामस्वरूप आयकर नियमों के अनुसार ₹10,000 का जुर्माना या अन्य परिणाम हो सकते हैं। आईटीआर फाइलिंग में देरी से आयकर अधिनियम, 1961 की धारा 234ए के तहत देय कर (Payable tax) पर ब्याज भी लग सकता है।

कानूनी कार्रवाई से बचें – देरी या चूक के मामले में, आयकर विभाग आपको एक नोटिस भेज सकता है और आपकी कानूनी परेशानियों को बढ़ा सकता है। यदि आयकर विभाग नोटिस के जवाब से असंतुष्ट रहता है और उचित आधार नहीं मिलने पर कानूनी मामला भी चल सकता है।

आसान ऋण स्वीकृति – Income Tax Return दाखिल करने में एक साफ ट्रैक रिकॉर्ड होने से ऋणदाताओं के लिए ऋण स्वीकृत करना आसान हो जाता है। ऋण आवेदन के मामले में, बैंकों को उधारकर्ताओं को अपनी आय के प्रमाण के रूप में आईटीआर विवरण की एक प्रति प्रदान करने की आवश्यकता होती है। किसी भी औपचारिक ऋण स्वीकृति के लिए आयकर रिटर्न एक अनिवार्य दस्तावेज है। जो व्यक्ति टैक्स रिटर्न दाखिल नहीं करते हैं उन्हें संस्थागत उधारदाताओं से ऋण प्राप्त करने के लिए बहुत संघर्ष करना पड़ सकता है।

जल्दी वीजा प्राप्त करें – अधिकांश दूतावासों को वीजा के लिए आवेदन करते समय व्यक्तियों को अपना ITR इतिहास जमा करने की आवश्यकता होती है। टैक्स फाइलिंग का साफ ट्रैक रिकॉर्ड होने से वीजा आवेदन की प्रक्रिया आसान हो जाती है।

Zero ITR कब फाइल करनी चाहिए?

  1. ‘कुल कर योग्य आय’ मूल सीमा से कम है और ‘सकल कुल आय’ मूल सीमा से अधिक होने पर l
  2. अगर टीडीएस का भुगतान किया गया है, तो उसका रिफंड पाने के लिए आईटीआर दाखिल करना होगा।
  3. ऋण, वीजा आदि के लिए आवेदन करने के लिए Income Tax Return फाइल करने की आवश्यकता होती है।
  4. अगर कोई बिजली की खपत पर कुल ₹1 लाख या उससे अधिक खर्च करता है तो रिटर्न दाखिल करना होगा।
  5. कोई भी अपने या किसी अन्य व्यक्ति के लिए विदेश यात्रा पर ₹2 लाख या उससे अधिक खर्च किया हो
  6. यदि किसी के पास भारत के बाहर कोई संपत्ति है तो उसे अपना आईटीआर दाखिल करना चाहिए।
  7. कोई भारत से बाहर किसी संपत्ति का लाभार्थी है तो आईटीआर जरूर फाइल करें।
  8. अगर किसी ने डीटीएए जैसी टैक्स संधि के तहत राहत का दावा किया है तो उसे आईटीआर फाइल करना होगा।